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कर्ज मुक्ति के लिए अचूक उपाय

 1- अपने गुरु को बलिष्ठ करें और जो किताबें पांच साल पहले पढ़ी थीं, उनको दोबारा पढ़कर स्मरण करें। 2- शुक्लपक्ष के बुधवार से प्रारम्भ कर प्रतिदिन ऋणहर्ता गणेश स्त्रोत का पाठ करें। इस उपाय से कर्ज से मुक्ति मिलती है। 3- वास्तुदोष नाशक हरे रंग के गणपति घर के मुख्यद्वार के आगे पीछे लगाएं इससे धन में वृद्धि होती है। 4- प्रतिदिन लाल मसूर दान करें। 5- यदि किसी से कर्ज लेना हो, तो वह बुधवार के दिन लें और मंगलवार के दिन किसी को उधार न दें। 6- यदि आप कर्ज से परेशान हैं, तो बुधवार के दिन सवा पाव मूंग उबालकर, उसमें गुड़ और घी मिलाएं। इसके बाद किसी गाय को खिलाएं। यह प्रक्रिया प्रत्येक बुधवार को करें। इस उपाय से कर्ज से शीघ्र ही मुक्ति मिलती है-  हनुमान जी के मंदिर में जाकर बजरंगबली पर तेल व सिंदूर चढ़ाएं और लाल सिंदूर का टीका  अपने मष्तिस्क पर लगाएं। इससे श्री बजरंगबली कर्ज से मुक्ति दिलवाने में आपकी मदद करते हैं। 8-  शनिदेव को चार शनिवार लगातार नमन कर नई नौकरी या व्यवसाय के बारे में सोचना आरंभ करें। तनख्वाह दुगनी नहीं तो डेढ़ गुनी तो हो ही जाएगी।

आंधा सीसी ठीक करने का स्वयं सिद्धि शाबर मंत्र

  (अ) वन में ब्याही अंजनी, कच्चे बन फल खाय। हांक मारी हनुवंत ने, इस पिंड से आधा सीसी उतर जाय। (ब) ऊं नमो बन में ब्याही बानरी, उछल बृक्ष पै जाय। कूद-कूद शाखा नरी, कच्चे वन फल खाय। आधा तोड़े आधा फोड़े, आधा देय गिराय। हंकारत हनुमान जी, आधा सीसी जाय। प्रयोग विधि :  पीड़ित पर किसी एक मंत्र का प्रयोग करें। मंत्र पढ़ते हुए भस्म से झाड़ें। भस्म पाने के लिए उचित माध्यम आप खुद हैं। प्रयोग से पूर्व जप के दौरान उसी मंत्र कर हवन करें। हवन करते हुए भस्म तैयार करें। उसे अपने पास रख लें। झाड़ते समय उसी का प्रयोग करें। हरी ॐ ज्योतिष केंद्र

अपने दुश्मन को पागल कर देने वाला अचूक उपाय

  Jyotish shastra: ज्योतिष शास्त्र में अनेक ऐसे मंत्र, उपाय और टोटके बताए गए हैं जिनके द्वारा आप अपने दुश्मन को पागल भी कर सकते हैं। किन्तु ऐसे उपाय, टोने-टोटके और मंत्रों का प्रयोग तभी करना चाहिए जब आपके पास दूसरा अन्य कोई रास्ता ना रह जाए। तो आइए आप भी जानें ऐसे ही मंत्र के बारे में जिसके प्रभाव से आप अपने शत्रु को पराजित कर सकते हैं। आप चाहें तो अपने दुश्मन पागल भी कर सकते हैं। परन्तु ध्यान रखें कि आप इस मंत्र का प्रयोग अपने शत्रु पर तभी करें जब आपका शत्रु आपको बहुत ज्यादा परेशान कर रहा हो। और आप लोगों की कोई भी गलती ना हो। अन्यथा आप बेवजह इस मंत्र का प्रयोग ना करें। और किसी व्यक्ति को बिना मतलब के परेशान ना करें।            मंत्र और प्रयोग विधि ऊं ह्रीं क्लीं भैरवी मातांगी त्रिलोक्य वशमान्य स्वाहा। .1. आप किसी भी शनिवार के दिन इस मंत्र का जाप आरंभ करें। और इस मंत्र का 11000 बार जाप करके इसे सिद्ध कर लें। 2. जब आप इस मंत्र का जप सिद्ध कर रहे हों तो अपने सामने घी का एक दीपक जलाकर अपने सामने अवश्य रखें। और उस घी के दीपक में आप दो लौंग और दो इलायची भी ...